6 जून से बंद होंगे पांटून पुल, यात्रियों को करना पड़ेगा लंबा सफर
प्रमुख समाचार, मेजा (प्रयागराज)।
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन मेजा और करछना क्षेत्र के पांटून पुलों पर यातायात बंद करने का निर्णय लिया है। प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता पी.के. राय ने बताया कि 6 जून से मेजा तहसील के सिरसा तथा टेला-मदरामुकुंदपुर गंगाघाट पर बने पांटून पुलों के साथ ही करछना तहसील के लकटहा गंगाघाट स्थित पांटून पुल को भी यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
विभाग के अनुसार गंगा में बाढ़ का पानी पहुंचने से पहले सुरक्षा की दृष्टि से पांटून पुलों को हटाना आवश्यक होता है। पुलों के बंद होने के बाद इन मार्गों से किसी भी प्रकार का आवागमन संभव नहीं होगा।
पुल बंद होने का सबसे अधिक असर मेजा और कोरांव क्षेत्र के हजारों लोगों पर पड़ेगा। गंगापार जाने वाले यात्रियों को अब लगभग 60 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर मिर्जापुर अथवा झूंसी के पक्के पुलों के माध्यम से आवागमन करना पड़ेगा। इससे समय और खर्च दोनों में वृद्धि होगी।
हालांकि प्रशासन ने लोगों की सुविधा के लिए सिरसा, टेला समेत अन्य घाटों पर नावों के संचालन की व्यवस्था बनाए रखने की बात कही है। सिरसा फेरी घाट पर स्टीमर सेवा भी संचालित की जाएगी ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।
गौरतलब है कि पूर्व में इन घाटों पर कई नाव दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में पांटून पुल बंद होने के बाद जलमार्ग से बढ़ने वाले आवागमन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बड़ी चुनौती होगी। लोक निर्माण विभाग और प्रशासन ने लोगों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने तथा सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।
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