2 साल बाद खाली हुआ अरण्याज स्कूल, अवैध कब्जे को लेकर फिर गरमाई बंगाल की राजनीति
West Bengal | 8 मई 2026
पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद दक्षिण 24 परगना स्थित अरण्याज स्कूल एक बार फिर चर्चा में आ गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब दो साल से विवाद और कथित अवैध कब्जे में घिरा यह स्कूल अब खाली करा लिया गया है। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति भी गरमा गई है।
जानकारी के अनुसार यह स्कूल समाजसेवी अमृता बोस गुप्ता द्वारा गरीब और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के उद्देश्य से संचालित किया जाता था। आरोप है कि वर्ष 2024 में स्थानीय टीएमसी नेताओं और समर्थकों ने स्कूल परिसर पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद स्कूल का संचालन प्रभावित हो गया।
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि स्कूल प्रबंधन और कर्मचारियों के साथ मारपीट तथा धमकी की घटनाएं भी सामने आई थीं। मामले को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज हुई थी और बाद में जांच भी शुरू की गई।
अब स्कूल परिसर खाली होने के बाद इसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी समर्थक इसे “जंगलराज खत्म होने” का संकेत बता रहे हैं, जबकि टीएमसी की ओर से इस पूरे मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल स्कूल को फिर से सामान्य तरीके से संचालित करने की तैयारी की जा रही है और स्थानीय लोगों में इसे लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
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