नैनी में मॉल नहीं, उद्योग हों स्थापित: योगेश शुक्ल
नैनी,प्रयागराज भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता योगेश शुक्ल ने प्रयागराज के नैनी क्षेत्र में प्रस्तावित लूलू मॉल को लेकर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य तथा औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी को पत्र भेजकर इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार की मांग की है।
योगेश शुक्ल ने कहा कि नैनी क्षेत्र में बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को पुनः संचालित करना समय की आवश्यकता है। उनका कहना है कि यदि लूलू मॉल स्थापित होता है तो इससे हजारों स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों के सामने रोज़गार का संकट खड़ा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय बाजार केवल व्यापार का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और लोक संस्कृति के संवाहक भी हैं। बड़े मॉल आने से उपभोक्तावाद को बढ़ावा मिलेगा और सामाजिक असमानता में वृद्धि हो सकती है। सरकार को कोई भी निर्णय लेने से पूर्व स्थानीय व्यापारियों, दुकानदारों और क्षेत्रीय सांस्कृतिक हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
योगेश शुक्ल ने आगे कहा कि नैनी मुख्यतः छोटे एवं मझोले व्यापारियों का बाजार और मध्यवर्गीय परिवारों का रिहायशी क्षेत्र है। आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा विकेंद्रीकृत अर्थव्यवस्था पर आधारित है। एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक नीति में स्थानीय बाजारों को सशक्त करना आवश्यक है।
उन्होंने यह भी कहा कि ऑनलाइन मार्केटिंग के बढ़ते प्रभाव से खुदरा व्यापारी पहले ही दबाव में हैं। ऐसे में बड़े मॉल की स्थापना से नैनी से लेकर चौक, कटरा और सिविल लाइंस तक के व्यापारियों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
योगेश शुक्ल ने आशंका जताई कि यदि समय रहते इस विषय पर गंभीर मंथन नहीं किया गया, तो भविष्य में सामाजिक और आर्थिक असंतुलन बढ़ सकता है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि कोई भी निर्णय लेने से पहले व्यापक विचार-विमर्श कर स्थानीय उद्योगों को प्राथमिकता दी जाए।
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