किसानों की फसल बर्बाद; तहसील प्रशासन मस्त,प्रधानों को जनता देगी आगामी पंचायत चुनाव में जवाब

किसानों की फसल बर्बाद; तहसील प्रशासन मस्त,प्रधानों को जनता देगी आगामी पंचायत चुनाव में जवाब
 
मेजा ,प्रयागराज। क्षेत्र में लगातार
बारिश व जलजमाव से मेजा और माण्डा क्षेत्र के दर्जनों गांव के किसान पीड़ित हैं। माण्डा क्षेत्र के आठ गांवों में पहाड़ी नालों का बरसाती पानी अभी तक भरा होने से किसानों की खेती जलमग्न होकर बर्बाद हो गयी है। इन गांवों में इस समय भी तालाब की स्थिति बनी है। बरसाती पानी के निकास की व्यवस्था न तो स्थानीय प्रशासन कर पा रहा है और न ही जन प्रतिनिधि रुचि ले रहे हैं, जिससे किसानों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मांडा क्षेत्र के बरहा कला, नेवढ़िया, ढिलिया, ढेढ़रा, मसौली, ऊंटी आदिग्राम पंचायतों के दर्जनों गांव चारों ओर पहाड़ी क्षेत्र से घिरे हैं। पहाड़ी की तलहटी में बसे गांवों की हालत बदतर है। डूबी फसलों की सड़ाध से यहाँ महामारी का खतरा बढ़ रहा है। मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है।
जीवन अस्त व्यस्त है और तहसील प्रशासन अपने आप मे मस्त है।

लोगों की माने तो पंचायतों के प्रधान जल निकासी में रुचि नही ले रहे हैं। पंचायत चुनाव की दस्तक से वह दोबारा प्रधान बनने के लिए हाँथ पांव मारना शुरू कर दिए हैं लेकिन लोगों की पीड़ा उन्हें नजर नही आ रही है। लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है और पीड़ित परिवार ऐसे प्रधानों को सबक सिखाने के लिए समय का इंतजार कर रहे हैं। पंचायत के लोगों की माने तो पंचायत चुनाव में यह बड़ा मुद्दा होगा। जो प्रधान जनता के सुख दुख में साथ नही खड़े हो रहे हैं उन्हें चुनाव में करारा जबाब मिलेगा।

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