बुजुर्गों व असहाय लोगों को संगम स्नान कराना, त्रिवेणी की पवित्री डुबकी से ज्यादा फलदायी-जय शंकर शुक्ला (जय भैया )
बुजुर्गों व असहाय लोगों को संगम स्नान कराना, त्रिवेणी की पवित्री डुबकी से ज्यादा फलदायी-जय शंकर शुक्ला (जय भैया )
प्रयागराज।भारतीय संस्कृति में माता पिता की सेवा और सम्मान से बड़ा कोई धर्म और तीर्थ नही है। वो माता पिता बड़े भाग्यशाली होते हैं जिनकी संतान अपने नेक विचार, जनसेवा और सहयोग से समाज मे यश और कीर्ति बढ़ाते हैं। क्षेत्र के दिधिया गांव के जय शंकर शुक्ल जय भैया ने अपनी मां अन्नपूर्णा शुक्ला की मंशा को पूरा करने के लिए क्षेत्र के लोगों को निशुल्क महाकुम्भ दर्शन व संगम स्नान श्रवण यात्रा के रूप में शुरू की है।
श्रवण यात्रा में बुधवार की खेप माण्डा क्षेत्र के सकरी गांव से पूर्व प्रधान राजेन्द्र सिंह की अगुआई मे 80 लोगों का जत्था संगम स्नान के लिए रामचन्द्र शुक्ल संकल्प ट्रस्ट दिघिया के वैनर तले निशुल्क त्रिवेणी की पुण्य डुबकी लगाने के लिए निकला है। महाकुम्भ में उमड़े आस्था के हुजूम के वावजूद ट्रस्ट के अध्यक्ष जय शंकर शुक्ल के निर्देश पर सचिव पूर्व प्रमुख मेजा प्रेम शंकर शुक्ल के संयोजन में व्यवस्था प्रमुख अभय तिवारी ने श्रवण यात्रा जारी रखी है। इस अभियान में 500 से अधिक लोगों को निशुल्क कुम्भदर्शन और संगम स्नान, भोजन के बाद उनकी सकुशल घर वापसी करायी गयी है।
राम चन्द्र शुक्ल संकल्प ट्रस्ट के अध्यक्ष जय शंकर शुक्ल का संकल्प क्षेत्र के 1000 लोगों को संगम स्नान का लिया गया है। प्रयागराज के महा कुम्भनगर के यातायात की तमाम दिक्कतों के वावजूद यह अभियान लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। जय भैया ने कहा कि श्रवण यात्रा से जुड़े लोगों का आशीर्वाद मुझे इस मिशन को और आगे ले जाने की प्रेरणा दे रहा है। उन्होने कहा कि बुजुर्गों व असहाय लोगों को महाकुम्भ दर्शन कराना, त्रिवेणी की पवित्री डुबकी से ज्यादा फलदायी है।
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