हनुमान जी से बड़ा इस कलि काल कोई नहीं -रामस्वरूपाचार्य(जगद्गुरु)
मेजा रोड,प्रयागराज। मेजा रोड पातीं स्थिति श्री सिद्ध हनुमान मानस मंदिर में चल रहे नौ दिवसीय राम कथा में जगद्गुरू रामस्वरूपाचार्य जी महाराज( चित्रकूट धाम वाले )ने राम कथा के अष्टम दिवस की कथा में बताया की इस कलिकाल में हनुमान जी से बड़ा दूसरा कोई देवता नही है। सभी देवो ने अपनी शक्ति हनुमान जी को दे दिया। इसी बात को तुलसी दास जी ने हनुमान चालीसा में कह दिया "और देवता चित्त न धरई, हनुमत सेई सर्व सुख करई"। भगवान को धन सम्पत्ति वैभव आदि सांसारिक भौतिक पदार्थ की आवश्यकता नही है। साधक भक्त पूजा और पूजा सामग्री के माध्यम से अपने हृदय का प्रेम परमात्मा तक पहुँचाकर समर्पण करता है। इसीलिए चित्रकूट वनक्षेत्र की ओर जाते समय जब एक तापस मिल मिला। वो तापस मानो प्रेम का ही मूर्त रूप था। इसीलिए राम जी ने तापस को पारस के समान अमूल्य समझकर हृदय से चिपका लिया।
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