रामचरित मानस मानव चरित्र निर्माण की प्रयोग शाला है -पंडित निर्मल कुमार शुक्ला
मेजा प्रयागराज। रेलवे स्टेशन मेजारोड स्थित श्री सिद्ध हनुमान मानस मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय राम चरित मानस कथा के प्रथम दिन श्रोताओं की भारी भीड़ रही। इस अवसर पर कथा वाचक मानस मर्मज्ञ पं. निर्मल कुमार शुक्ल ने कहा कि रामचरित मानस मानव चरित्र निर्माण की प्रयोग शाला है। इस ग्रंथ में समाज के प्रत्येक वर्ग के सर्वोच्च आदर्श का निरूपण किया गया है। यह ग्रन्थ हमारे पारवारिक संस्कारों का विश्वविद्यालय है। कथा श्रवण में कार्यक्रम के आयोजक इंजीनियर नित्यानंद उपाध्याय, विजयानंद उपाध्याय, मनीष उपाध्याय, विनय कुमार शुक्ल, सिद्धान्त तिवारी, मनीष तिवारी, राजीव तिवारी आदि मौजूद रहे।
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