प्रयागराज। महंत नरेंद्र गिरी की हत्या या आत्म हत्या?
*पढ़ें पूरा खुलासा महंत नरेंद्र मोत, हत्या या खुदखुसी*
प्रयागराज: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की सोमवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई. प्रयागराज के बाघंबरी मठ में उनकी लाश फांसी के फंदे से लटकती मिली है. महंत नरेंद्र गिरी के मौत मामले में पुलिस को मोबाइल की काल डिटेल रिपोर्ट सीडीआर से अहम सुराग मिला है. महंत नरेंद्र गिरि की मौत से पहले 6 से 10 घंटे के बीच जिन जिन लोगों से बात हुई है उन सभी के नंबर निकाल कर पुलिस उनसे पूछताछ उनसे करेगी. सूत्र बताते हैं कि पुलिस को वीडियो भी हाथ लगा हैं, जिसकी जांच पुलिस कर रही है.महंत नरेंद्र गिरी की मौत को उनके शिष्य आनंद गिरी से चल रहे विवाद से भी जोड़कर देखा जा रहा है. उल्लेखनीय है कि नरेंद्र गिरी ने अपने सुसाइड नोट में आनंद गिरी की ओर से मानसिक तौर पर प्रताड़ित करने का अरोप लगाया है. इस बीच, उत्तराखंड पुलिस ने महंत नरेंद्र गिरी के शिष्य आनंद गिरी को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.
शिष्य आनंद ने कहा – करोड़ों का हैं खेल
इधर, हिरासत में लिए जाने के बाद आनंद गिरी ने कहा है कि गुरुजी कभी आत्महत्या नहीं कर सकते, उनकी हत्या हुई है. उन्होंने कहा कि आईजी स्वयं इसमें संदिग्ध हैं. आईजी लगातार नरेंद्र गिरी के संपर्क में रहते थे. आनंद गिरी का आरोप है कि मठ और मंदिर का पैसा हड़पने वालों ने महंत जी की हत्या की है. इस साजिश में मठ के कई बड़े नाम शामिल हो सकते हैं. करोड़ों का खेल हैं. गौरतलब है कि महंत नरेंद्र गिरी के पास से मिले सुसाइड नोट में आनंद गिरी, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी पर मानसिक तौर से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है.
आज दोपहर 2 बजे होगा पोस्टमार्टम
यूपी पुलिस एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि महंत गिरी की आत्महत्या की सूचना उनके शिष्य बबलू ने फोन पर पुलिस को दी. इसके बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उनके शव को उतारा जा चुका था और नीचे रखा हुआ था. पुलिस के अनुसार महंत नरेंद्र गिरी का पोस्टमॉर्टम मंगलवार को डॉक्टरों के पैनल से दोपहर 2 बजे करवाया जाएगा
मौत से पहले 6 से 10 घंटे के बीच जिन जिन लोगों से हुई बात है उन सभी से पूछ ताछ
टिप्पणियाँ