उरूवा मेजा प्रयागराज। शिक्षक संघ ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत आवाज बुलंद की।
मेजा प्रयागराज।उत्तर प्रदेशीय
प्राथमिक शिक्षक संघ की उरुवा इकाई ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत
मंगलवार को बीआरसी उरुवा के प्रांगण में धरना प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन
में उपस्थित शिक्षकों,शिक्षामित्रों व अनुदेशकों तथा रसोइयों को संबोधित
करते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ उरुवा के अध्यक्ष विनोद कुमार शुक्ला ने कहा
कि आज हम सब किसी नए मांग को लेकर धरना नहीं दे रहे हैं। हमारी 21 सूत्रीय
मांग शासन में वर्षों से विचाराधीन है। कई बार प्रदेश नेतृत्व से वार्ता के
बाद मात्र आश्वासन के अलावा सरकार ने हम सब को कुछ नहीं दिया। जबकि इस
सरकार से जो कुछ पहले मिलता था। वह भी छीन लिया है। उन्होंने कहा की प्रदेश
के बेसिक शिक्षकों की पुरानी पेंशन तथा सवा लाख विद्यालयों के
प्रधानाध्यापक पद समाप्त कर दिए गए हैं। पिछले 5 साल से किसी भी शिक्षक की
पदोन्नति नहीं हुई है। परिवार नियोजन भत्ता,सामूहिक बीमा आदि कई सुविधाएं
छीनने के बाद बेसिक शिक्षकों को मोबाइल,लैपटॉप,इंटरनेट आदि की सुविधा दिए
बिना ही ऑनलाइन कार्य करने को बाध्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस
सरकार में अनुदेशकों का मानदेय 9000 से घटाकर 7000 कर दिया गया है।
विद्यालय में विशेष शिक्षक,रसोईया आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। कस्तूरबा
विद्यालय के शिक्षक योग्यता होते हुए भी अस्थाई शिक्षक का वेतन पा रहे हैं
और तो और सरकार व अधिकारियों को ज्ञापन देने के बावजूद समस्याओं का निराकरण
नहीं किया जा रहा है। इसलिए प्राथमिक शिक्षक संघ ने मजबूर होकर प्रदर्शन
का रास्ता चुना है। उन्होंने प्रदर्शन में बड़ी संख्या में उपस्थित
शिक्षक,शिक्षिकाएं,अनुदेशक व शिक्षामित्रों को मुख्य सचिव को संबोधित 21
सूत्रीय ज्ञापन पढ़कर सुनाया। वहीं प्राथमिक शिक्षक संघ उरुवा के मंत्री
संदीप पांडेय ने कहा कि विधान मंडल द्वारा उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा अधिकरण
विधेयक 2021 को सरकार को वापस लेना चाहिए। क्योंकि माननीय उच्च न्यायालय
के न्याय पर हम सब को विश्वास है। उक्त अधिकरण विधेयक 2021 शिक्षक विरोधी
हैं तथा उन्होंने कहा कि हमारे मृतक शिक्षकों के परिवार को ग्रेच्युटी का
भुगतान किया जाय और मृतक शिक्षकों के आश्रितों को टीईटी से मुक्त किया जाय
और उन्हें लिपिक के अधिसंख्य पदों पर नियुक्त किया जाय। उन्होंने कहाकि
कोरोना महामारी एवं पंचायत निर्वाचन के दौरान मृत शिक्षकों,शिक्षामित्रों
एवं अनुदेशकों के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। वहीं
प्राथमिक शिक्षक संघ उरुवा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम सागर मिश्र ने
कार्यक्रम का संचालन किया और कहा कि शिक्षकों से ऑनलाइन कार्य के नाम पर
उनका शोषण बंद किया जाए तथा संविलियन को निरस्त कर शिक्षकों को पदोन्नति दी
जाए तथा पुरानी पेंशन को बहाल किया जाए। अंत मे उन्होंने धरने पे उपस्थित
सभी शिक्षकों,अनुदेशकों व शिक्षामित्रों को धन्यवाद दिया। उक्त अवसर पर
दिवाकर दत्त मिश्रा,अखिलेश दुबे,पुष्कर द्विवेदी,रोहित त्रिपाठी,कृष्ण
कुमार शुक्ला,आलोक कुमार मिश्रा,बृजेश यादव,अजीत सिंह,रामानंद शुक्ल,कमल
सिंह,राजवती देवी,शशीकांता सैनी,जयंत कुशवाहा,आद्या प्रसाद,रमेश यादव आदि
बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे
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